तेरे याद में
तेरे याद में
याद करता ही तेरा
सुनता ही नहीं मेरा
लगता हुआ बाबरा।
सारी तो ठीक ही है
समझ में आता नहीं
मुझसे क्या गया मेरा।
नाजानें कियूं ये आया
अन चाहत दिन बुरा
सहना पड़ता हे दुःख
थके ना नयन धारा।
बजह क्या है बोलके
जैसे मैं दिलको पूछा
बताया कुछ भी काहाँ
पता इतना भी नहीं
काहां से लेके ऐसे
घाव दिल में ही भरा।
बातें जो चल रहा था
दिलकी अंदर ही मेरा
उसने बताया मुझको
आज मैं मुझको ढूंढा
समझा मैं तुमको मेरा
मिलगया तेरा मेरा।
नाज़ुकसी बातें सारी
प्यार ये तेरा मेरा
अटूट ही रहे सदा
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